नई दिल्ली। AIADMK महासचिव वीके शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले दोषी पाई गई हैं. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में उन्हें दोषी पा...
नई दिल्ली। AIADMK महासचिव वीके शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले दोषी पाई गई हैं. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में उन्हें दोषी पाया गया है। इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट से बरी होने के बाद राज्य सरकार ने अपील की थी। लेकिन शशिकला को चार साल की सजा हुई है। आपको बता दें कि शशिकला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दस्ता गोल्डन बे रिजॉर्ट पहुंच चुका है. वहीं AIADMK ने बीजेपी पर अम्मा की पवित्रता धूमिल करने का आरोप लगाया है।
'देश में भ्रष्टाचार की जगह नहीं '
वकील ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लैंडमार्क जजमेंट करार दिया है. कोर्ट का जजमेंट कई पन्नों का है. फैसले से साफ संदेश आ रहा है कि भ्रष्टाचार की इस देश में कोई जगह नहीं है. भ्रष्टाचार के खिलाफ यह बड़ी जीत है।
जजमेंट से पहले सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला सही है. इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया. बता दें कि ट्रायर कोर्ट ने शशिकला को 4 साल की सजा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा. इसका मतलब ये हुआ कि शशिकला तुरंत गिरफ्तार की जाएंगी और तुंरत जेल भेजा जाएगा. इस मामले में शशिकला 6 महीने की सजा पहले ही काट चुकी हैं।
यह था पूरा मामला?
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता की लंबे समय तक मित्र रहीं है। शशिकला के खिलाफ 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति मामला था. जिसमें निचली अदालत ने उन्हें जयललिता के साथ दोषी ठहराया था। हालांकि हाईकोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया था। गौरतलब है कि जयललिता, शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा दोषमुक्त करने के फैसले को कर्नाटक सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दे रखी थी।
शशिकला ने पन्नीरसेल्वम पर लगाए आरोप
तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा है. इन दो गुटों के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच शशिकला ने कहा कि उन्होंने पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री पद से इसलिए हटवाया क्योंकि उन्होंने पार्टी की कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के साथ साठगांठ कर ली थी। उन्होंने यहां जयललिता के पोएस गार्डन निवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, यह पनीरसेल्वम ही थे जिन्होंने हमें ऐसा करने को मजबूर किया। हमने खुद ऐसा नहीं किया और इस तरह चीजें हुई. मैं उन्हें पद पर रहने देती क्योंकि मेरी मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा नहीं थी और यह सच्चाई है।
'देश में भ्रष्टाचार की जगह नहीं '
वकील ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लैंडमार्क जजमेंट करार दिया है. कोर्ट का जजमेंट कई पन्नों का है. फैसले से साफ संदेश आ रहा है कि भ्रष्टाचार की इस देश में कोई जगह नहीं है. भ्रष्टाचार के खिलाफ यह बड़ी जीत है।
जजमेंट से पहले सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला सही है. इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया. बता दें कि ट्रायर कोर्ट ने शशिकला को 4 साल की सजा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा. इसका मतलब ये हुआ कि शशिकला तुरंत गिरफ्तार की जाएंगी और तुंरत जेल भेजा जाएगा. इस मामले में शशिकला 6 महीने की सजा पहले ही काट चुकी हैं।
यह था पूरा मामला?
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता की लंबे समय तक मित्र रहीं है। शशिकला के खिलाफ 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति मामला था. जिसमें निचली अदालत ने उन्हें जयललिता के साथ दोषी ठहराया था। हालांकि हाईकोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया था। गौरतलब है कि जयललिता, शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा दोषमुक्त करने के फैसले को कर्नाटक सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दे रखी थी।
शशिकला ने पन्नीरसेल्वम पर लगाए आरोप
तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा है. इन दो गुटों के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच शशिकला ने कहा कि उन्होंने पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री पद से इसलिए हटवाया क्योंकि उन्होंने पार्टी की कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के साथ साठगांठ कर ली थी। उन्होंने यहां जयललिता के पोएस गार्डन निवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, यह पनीरसेल्वम ही थे जिन्होंने हमें ऐसा करने को मजबूर किया। हमने खुद ऐसा नहीं किया और इस तरह चीजें हुई. मैं उन्हें पद पर रहने देती क्योंकि मेरी मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा नहीं थी और यह सच्चाई है।

COMMENTS